मुज़फ्फरनगर के मखियाली गांव में प्रदूषण से परेशान होकर किसान परिवार के पलायन का मामला अब तेजी से गरमाता जा रहा है। गांव से किसान जितेंद्र और उनके परिवार के पलायन की खबर सामने आने के बाद किसान नेता धर्मेंद्र मलिक खुद मखियाली पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया।
गांव में ग्रामीणों के साथ करीब दो घंटे तक चली बैठक में फैक्ट्रियों से निकल रहे जहरीले धुएं, दूषित पानी और लगातार बिगड़ते पर्यावरण पर गंभीर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सांस लेना मुश्किल हो गया है और लगातार लोग बीमार पड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब गांव छोड़ने की नौबत आ रही है।
इस दौरान किसान नेता धर्मेंद्र मलिक ने प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसानों को अपना घर और जमीन छोड़ने पर मजबूर किया गया तो बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा—
> “अगर मखियाली जैसे गांवों से किसान पलायन करने लगे हैं, तो यह पूरे जिले के लिए खतरे की घंटी है। जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान सड़क से लेकर प्रशासनिक दफ्तरों तक बड़ा प्रदर्शन करेंगे।”
धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसान अपनी पहचान और पुश्तैनी जमीन छोड़ने को मजबूर हो जाए, इससे बड़ी त्रासदी कोई नहीं हो सकती। उन्होंने साफ कहा कि यदि समय रहते प्रदूषण पर रोक नहीं लगी तो मखियाली का मुद्दा जिलेव्यापी जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द कार्रवाई की मांग की। किसान नेता ने गांव वालों को भरोसा दिलाया कि वह इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं और जरूरत पड़ने पर जिले स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
अब मखियाली का मामला केवल एक किसान परिवार के पलायन तक सीमित नहीं रह गया है। धर्मेंद्र मलिक की एंट्री के बाद यह मुद्दा जिले की राजनीति और किसान आंदोलन में बड़ा रूप लेता दिखाई दे रहा है।
जनपद मुज़फ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।

