मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव भिक्की में उस समय सनसनी फैल गई, जब धोबी समाज के एक दर्जन से ज्यादा परिवारों ने अपने घरों की दीवारों पर “पलायन” लिखकर गांव छोड़ने का ऐलान कर दिया। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि गांव के खुद को भाजपा नेता बताने वाले अमीर अब्बास और उसके परिवार की प्रताड़ना से उनका जीना मुश्किल हो गया है। डर और दबाव का आलम यह है कि इन परिवारों ने इस बार ईद तक नहीं मनाने का फैसला लिया है।
पीड़ितों का कहना है कि उनके कई बेटे और परिवार के पुरुष सदस्य जेल जा चुके हैं, जबकि बाकी लोगों पर लगातार पुलिस दबिश और धमकियों का दबाव बना हुआ है। परिवारों का आरोप है कि उन्हें कहीं भी न्याय नहीं मिल रहा, जिसके कारण गांव में उनके घरों में त्योहार की खुशियों की जगह मातम का माहौल है।
गांव निवासी फैजान ने बताया कि बच्चों के बीच मामूली कहासुनी और विवाद हुआ था, लेकिन इसके बाद कथित भाजपा नेता अमीर अब्बास के परिवार के लोगों ने उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। फैजान का आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उनके ही परिवार के 18 लोगों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया। इनमें से छह लोगों को जेल भी भेजा गया, जो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। इसके बावजूद पुलिस और विपक्षी पक्ष की ओर से लगातार परेशान किया जा रहा है।
फैजान ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष के लोग महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं और परिवार को गांव छोड़ने की धमकी दे रहे हैं। उनका कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि परिवार के कई बच्चे डर के कारण घर छोड़कर चले गए हैं और पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
आंखों में आंसू लिए विधवा महिला नफीसा ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं, लेकिन उनके बेटों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही और पूरा परिवार भय में जी रहा है।
पीड़िता रुकसाना ने बताया कि गांव में डर का माहौल इतना बढ़ चुका है कि महिलाएं खेतों तक में काम करने जाने से डर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि गांव में रहना अब दूभर हो गया है।
वहीं एक अन्य महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमीर अब्बास और उसके कुछ साथियों ने घर में घुसकर गलत हरकत की और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि उसे यह कहकर चुप रहने का दबाव बनाया गया कि अगर उसने मुंह खोला तो उसका पति कभी जेल से बाहर नहीं आ पाएगा।
उधर मामले में सीओ मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि पलायन की सूचना मिलने के बाद दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलिंग कराई जा रही है। उनके मुताबिक मामला आपसी विवाद से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने घरों पर पलायन लिखा है, उन पर हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
फिलहाल गांव भिक्की में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पलायन की चेतावनी देने वाले परिवारों ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।

