मुजफ्फरनगर। जनपद की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी पिता को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए आरोपी पर आर्थिक दंड भी लगाया। कोर्ट के इस फैसले को महिला और बाल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मामला बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना उस समय की है, जब परिवार के अन्य सदस्य किसी कार्य से घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान आरोपी पिता ने घर में अकेली मौजूद अपनी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता ने साहस दिखाते हुए परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिवार की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत मिलने पर बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी साबिर पुत्र चुनूं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम ने चिकित्सीय रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और अन्य जरूरी साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में मजबूत चार्जशीट दाखिल की।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने सभी साक्ष्य और गवाह पेश किए। न्यायालय-2 की न्यायाधीश मंजुला भालोटिया ने सभी तथ्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ 53 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि बच्चों के खिलाफ इस तरह के अपराध समाज के लिए बेहद गंभीर चिंता का विषय हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है। फैसले के बाद लोगों ने भी न्यायालय के निर्णय को पीड़ित बच्चों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था में भरोसा मजबूत करने वाला बताया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर लगातार ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

