बिजनौर जनपद के लिए वर्षों से गंभीर बनी बाढ़ की समस्या पर अब ठोस कार्रवाई शुरू हो गई है। रतनपुरी से रावली (6.3 से 7.6 किलोमीटर) तक तटबंध के पुनर्निर्माण को शासन से स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹13,50,00,000 (तेरह करोड़ पचास लाख रुपये) की धनराशि स्वीकृत की गई है।
यह स्वीकृति ऐसे समय में मिली है जब यह इलाका हर वर्ष बाढ़ की मार झेलता रहा है। बरसात के मौसम में गंगा के बढ़ते जलस्तर से तटबंध के कमजोर हिस्सों पर दबाव बढ़ जाता था, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद होती थीं और ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। कई गांवों में जलभराव, आवागमन बाधित होने और आर्थिक क्षति जैसी गंभीर समस्याएं सामने आती रही हैं।
सांसद चंदन चौहान की लगातार पैरवी रंग लाई
बिजनौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद चंदन चौहान ने इस मुद्दे को लगातार प्रमुखता से उठाया। सांसद चंदन चौहान ने न केवल संबंधित विभागों और सरकार को कई बार पत्र लिखकर तटबंध की जर्जर स्थिति से अवगत कराया, बल्कि संसद में भी इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाया। सांसद चंदन चौहान की ओर से भेजे गए आधिकारिक पत्रों और लगातार की गई पैरवी के बाद ही शासन स्तर पर इस प्रस्ताव पर संज्ञान लिया गया।
सांसद चंदन चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का ग्राउंड जीरो पर जाकर निरीक्षण किया। सांसद चंदन चौहान ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा और उनकी पीड़ा को शासन तक पहुंचाया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सांसद चंदन चौहान ने हर वर्ष बाढ़ के दौरान मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई के लिए दबाव बनाया।
किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
रतनपुरी-रावली तटबंध का पुनर्निर्माण इस क्षेत्र की बड़ी और पुरानी मांग थी। तटबंध की मजबूती से हजारों किसानों की कृषि भूमि सुरक्षित होगी और बाढ़ से होने वाले वार्षिक नुकसान में कमी आएगी। इससे न केवल जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक स्थिरता को भी बल मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया गया, तो आने वाले वर्षों में बिजनौर को बाढ़ जैसी गंभीर आपदा से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
शासन स्तर पर मिला समर्थन
इस परियोजना को प्रदेश सरकार की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह की भूमिका भी इस मामले में महत्वपूर्ण बताई जा रही है।
लेकिन स्थानीय स्तर पर यह साफ माना जा रहा है कि सांसद चंदन चौहान की निरंतर सक्रियता, लगातार पत्राचार और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी ने इस परियोजना को गति दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो और तय समय में पूरा हो, ताकि बिजनौर की जनता को हर साल बाढ़ के संकट से स्थायी राहत मिल सके।
सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।

