Friday, October 2, 2026

फेसबुक दोस्ती, करोड़ों की ठगी… साइबर गैंग का दूसरा मास्टरमाइंड गिरफ्तार!



मुजफ्फरनगर में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल ऑनलाइन फ्रॉड मामले में गैंग के दूसरे शातिर सदस्य को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आए खुलासे ने हर किसी को हैरान कर दिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना पुलिस लगातार इस गिरोह पर शिकंजा कस रही है। इसी क्रम में पुलिस ने आरोपी मोहम्मद आकिब अली को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, नौ एटीएम कार्ड, तीन चेकबुक, 24 चेक और नगदी बरामद की गई है।

पुलिस ने बताया कि इससे पहले इसी मामले में अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि आरोपी का बहनोई फुजैल उर्फ फैजूल समेत कई अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

एसपी क्राइम इन्दु सिद्धार्थ ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़ित को फेसबुक पर “गीतिका कपूर उर्फ जीजी” नाम की प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई थी। पहले दोस्ती की गई, भरोसा जीता गया और फिर ऑनलाइन ट्रेडिंग व निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का सपना दिखाया गया।

आरोपियों ने पीड़ित को DGXC नाम की वेबसाइट पर निवेश कराने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर फर्जी प्रॉफिट दिखाया गया और अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये जमा करा लिए गए।

जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने “फाइनल वेरिफिकेशन”, “डेटा रिपेयरिंग” और “एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रोसेस” जैसे बहाने बनाकर और पैसे जमा कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। खुद को ठगा महसूस होने पर पीड़ित ने मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई।

जांच के दौरान पुलिस ने अब तक ठगी गई रकम में से करीब ₹23 लाख फ्रीज करा दिए हैं और पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वह अपने भाई, बहनोई और अन्य साथियों के साथ देहरादून के एक फ्लैट से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता था।

गैंग अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में रकम मंगवाकर एटीएम कार्ड और चेक के जरिए कैश निकालता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी से जुड़े छह बैंक खातों पर देश के 13 राज्यों से 21 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें करीब ₹57.96 लाख की ठगी की पुष्टि हो चुकी है।

मुजफ्फरनगर पुलिस अब इस साइबर नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती कभी-कभी जिंदगीभर की कमाई पर भारी पड़ सकती है।

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