पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम हुआ, जब मुजफ्फरनगर के युवा किसान नेता अंकित बालियान ने अपने समर्थकों के साथ राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) का दामन थाम लिया। उनके साथ 40 से ज्यादा ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान और पंचायत प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिससे गांव की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
दिल्ली स्थित 25 तुगलक रोड पर रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के आवास पर सदस्यता कार्यक्रम हुआ। जयंत चौधरी ने खुद अंकित बालियान को पार्टी में शामिल कराया और युवाओं से पार्टी को मजबूत करने की अपील की।
अंकित बालियान किसान परिवार से आते हैं और उनका परिवार लंबे समय से किसान आंदोलन से जुड़ा रहा है। उनके ताऊ स्वर्गीय चंद्रपाल फौजी, किसान नेता स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के करीबी रहे हैं। इसी वजह से उनके रालोद में आने को किसान राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम में बिजनौर के सांसद चंदन चौहान की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। चर्चा है कि अंकित बालियान और उनके साथ आए प्रतिनिधियों को रालोद से जोड़ने में चंदन चौहान ने बड़ी भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी भी इस बात को और मजबूत करती है।
मंच से बोलते हुए चंदन चौहान ने कहा कि युवाओं को चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से जुड़ना चाहिए और रालोद को गांव-गांव तक मजबूत करना चाहिए।
अंकित बालियान ने कहा कि उन्हें किसी पद या टिकट की कोई चाह नहीं है। उनका लक्ष्य सिर्फ पार्टी को मजबूत करना और किसानों की आवाज को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि उनके साथ हर समाज और हर गांव के लोग जुड़े हैं।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि एक साथ इतने पंचायत प्रतिनिधियों का रालोद में शामिल होना आने वाले चुनावों से पहले बड़ा संकेत है। इससे साफ है कि पश्चिमी यूपी में रालोद एक बार फिर गांव स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुट गई है।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट

