Thursday, October 1, 2026

पोषण जागरूकता अभियान में लापरवाही की गुंजाइश नहीं।



मुज़फ्फरनगर, 20 अप्रैल 2026। जिले में कुपोषण और बच्चों के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में शाहपुर क्षेत्र में बाल विकास विभाग द्वारा पोषण पखवाड़ा के तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें गांव-गांव जाकर लोगों को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति सतर्क किया गया।

बाल विकास परियोजना अधिकारी, शाहपुर के नेतृत्व में ग्राम पंचायत सोरम, काकड़ा, उमरपुर और मुंडभर में पोषण पंचायत, बैठकों, रैलियों और विशेष “पोषण कॉर्नर” का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य सेविका श्रीमती गीता और कुमारी साक्षी भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को यह समझाना था कि लापरवाही बच्चों के भविष्य को सीधे प्रभावित कर सकती है।

अभियान में खास तौर पर गर्भावस्था से लेकर बच्चे के पहले 1000 दिनों को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने समझाया कि इसी अवधि में बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास सबसे तेजी से होता है, और इस दौरान सही पोषण न मिलने पर दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है।

इसके अलावा, बच्चों के मस्तिष्क के प्रारंभिक विकास के लिए सही वातावरण, अनुकरण (learning by imitation) और ECCE (Early Childhood Care and Education) शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया गया। अभिभावकों को यह भी चेतावनी दी गई कि बढ़ता स्क्रीन टाइम बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित कर रहा है, जिसे तुरंत नियंत्रित करना आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया गया कि कुपोषण केवल स्वास्थ्य का नहीं बल्कि समाज के भविष्य का मुद्दा है। यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर साफ दिखाई देगा।

इसके साथ ही आम जनता को अपनी समस्याएं सीधे दर्ज कराने के लिए जन शिकायत मोबाइल ऐप डाउनलोड करने की जानकारी भी दी गई, ताकि प्रशासन तक शिकायतें तेजी से पहुंच सकें और उनका समाधान समय पर हो सके।

यह अभियान साफ संकेत देता है कि अब पोषण और बाल विकास जैसे मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा, और हर स्तर पर जागरूकता को मजबूत करना ही प्रशासन की प्राथमिकता है।

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