मुजफ्फरनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुजफ्फरनगर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बड़ा वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। सामाजिक वानिकी प्रभाग, मुजफ्फरनगर सदर रेंज की ओर से पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर, मखियाली में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के मंत्री कपिल देव अग्रवाल रहे। उन्होंने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा उनकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में वृक्षारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है।
यह कार्यक्रम जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशन एवं प्रभागीय निदेशक अभिनव राज के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता को बढ़ावा देने तथा स्वच्छ और हरित वातावरण के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में स्काउट्स एवं गाइड्स के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। वहीं पी.आर. पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने रंगोली, बैनर और पोस्टरों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में प्रभागीय निदेशक अभिनव राज ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी पर जीवन के आधार हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, प्रदूषण कम करने और जल संरक्षण में पेड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सदर रेंज के रेंज अधिकारी आदित्य सोनकर, जिला परियोजना अधिकारी हर्ष कुमार, दीपांजलि शर्मा, डॉ. राजीव कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने के संकल्प के साथ हुआ। अधिकारियों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अभियान लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझाने और हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।संक्षिप्त वैकल्पिक हेडलाइन:

