Thursday, October 1, 2026

परिवहन व्यवस्था पर टकराव: टिकैत बोले—सब चलाओ या सब बंद करो।



मुजफ्फरनगर में परिवहन व्यवस्था को लेकर विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने प्रशासन की मौजूदा व्यवस्था पर सीधे सवाल उठाते हुए साफ कहा है कि “आधे-अधूरे नियम नहीं चलेंगे—या तो सभी वाहनों को अनुमति दी जाए या फिर पूरी तरह रोक लगा दी जाए।”

टिकैत ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि कुछ गाड़ियां “तेल लेने” के बहाने शहर में प्रवेश कर रही हैं और सवारियां भी उठा रही हैं, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि इस तरह की असमान व्यवस्था से न सिर्फ यात्रियों को परेशानी हो रही है, बल्कि बस ऑपरेटरों के बीच भी असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि जरूरत पड़े तो एक नया रोडवेज अड्डा बनाया जाए, जहां से सभी बसों का संचालन एक समान तरीके से किया जा सके।

वहीं, क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक प्रभात कुमार सिन्हा ने भी माना कि वर्तमान व्यवस्था से आम यात्रियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शहर के भीतर आने-जाने के लिए लोगों को रिक्शा या अन्य साधनों पर अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे असुविधा बढ़ी है।

सिन्हा के अनुसार, कई बसें सहारनपुर, हरिद्वार, पुरकाजी और बिजनौर जैसे रूट पर संचालित होती हैं, लेकिन बीच के स्टॉपेज को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी को लेकर प्रशासन के साथ बैठक तय की गई है। शाम 4 बजे डीएम के साथ होने वाली इस बैठक में बस संचालक भी शामिल होंगे और सभी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

टिकैत ने भरोसा जताया कि जो भी निर्णय प्रशासन लेगा, उसका पालन किया जाएगा, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि व्यवस्था में पारदर्शिता और समानता जरूरी है।

फिलहाल, सभी की नजरें प्रशासन और बस संचालकों के बीच होने वाली इस अहम बैठक पर टिकी हैं, जिससे इस विवाद का समाधान निकलने की उम्मीद है।

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