मुजफ्फरनगर के रामलीला टिल्ला क्षेत्र में नाला मरम्मत कार्य अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। किला मोहल्ले के निवासियों ने आरोप लगाया है कि नाले की खुदाई के कारण कई घरों की नींव कमजोर हो गई है और दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। स्थिति से नाराज लोगों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई।
शुक्रवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग रामलीला टिल्ला के किला मोहल्ले में इकट्ठा हुए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस नाले की पहले स्थिति ठीक थी, उसे मरम्मत के नाम पर पूरी तरह खोद दिया गया। उनका आरोप है कि काम महीनों से अधूरा पड़ा है, जिसके चलते आसपास के मकानों पर खतरा बढ़ गया है।
लोगों ने बताया कि नाले की खुदाई के बाद कई घरों की नींव खिसकने लगी है। लगातार पानी के रिसाव से दीवारों में दरारें बढ़ती जा रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें हर समय मकान गिरने का डर सता रहा है और रातों की नींद तक प्रभावित हो गई है।
धरने के दौरान एक बुजुर्ग महिला ने राज्य मंत्री Kapil Dev Agarwal पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के बाद क्षेत्र की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की।
घटना की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी के नेता राकेश शर्मा मौके पर पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने भी प्रशासन से अपील की कि नाला निर्माण कार्य को तुरंत सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
स्थानीय लोगों ने साफ कहा है कि जब तक नाला निर्माण कार्य ठीक ढंग से पूरा नहीं किया जाता और मकानों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

