Friday, October 2, 2026

डीएम कार्यालय के बाहर आत्मदाह की कोशिश, कार्रवाई न होने से पंचायत सहायक का फूटा गुस्सा।





मुज़फ्फरनगर। कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई जब एक पंचायत सहायक ने कथित तौर पर पुलिस की निष्क्रियता से परेशान होकर डीएम कार्यालय के बाहर खुद पर तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सिविल डिफेंस के जवान की तत्परता ने बड़ा हादसा टाल दिया और युवक को आग लगाने से पहले ही काबू कर लिया गया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम निरमानी निवासी सचिन कुमार ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत हैं। सचिन का आरोप है कि 8 जून को ग्राम सचिवालय में सरकारी कार्य के दौरान गांव के ही दो लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने सरकारी काम में बाधा डालते हुए सचिवालय में रखे प्रिंटर और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया तथा सरकारी दस्तावेज फाड़कर कुछ महत्वपूर्ण कागजात भी अपने साथ ले गए।

सचिन का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने संबंधित थाने और अधिकारियों को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कई दिनों तक अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बाद छोड़ दिया, जिसके चलते वे गांव में खुलेआम घूम रहे हैं। सचिन का दावा है कि आरोपी अब उनका मजाक उड़ा रहे हैं और कार्रवाई न होने का जश्न मना रहे हैं।

इसी कथित लापरवाही से आहत होकर गुरुवार को सचिन अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम कार्यालय के समीप उन्होंने अपने ऊपर तेल छिड़क लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। संयोग से उसी समय परिसर में अग्निशमन विभाग की मॉक ड्रिल चल रही थी। जैसे ही सचिन ने हाथ में मौजूद लाइटर से आग लगाने की कोशिश की, मॉक ड्रिल में शामिल सिविल डिफेंस के एक जवान ने पीछे से दौड़कर उन्हें पकड़ लिया और लाइटर छीन लिया। जवान की सतर्कता से एक बड़ा हादसा होने से बच गया।

घटना की सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन प्रभारी महावीर सिंह चौहान और कचहरी पुलिस चौकी प्रभारी प्रशांत गिरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल सचिन को पानी से नहलवाकर शरीर पर पड़ा तेल साफ कराया और बाद में उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले गई।

घटना के बाद काफी देर तक कलेक्ट्रेट परिसर में लोगों की भीड़ जुटी रही और माहौल तनावपूर्ण बना रहा। पंचायत सहायक ने एक बार फिर अपने साथ हुए कथित अन्याय और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

फिलहाल इस प्रकरण में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में घटना के पीछे के सभी तथ्यों और शिकायतों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि डीएम कार्यालय के बाहर आत्मदाह के प्रयास की इस घटना ने पुलिस कार्रवाई और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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