मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को दिल्ली मंडल के डीआरएम पी.आर. त्रिपाठी ने विशेष निरीक्षण यान “परख” से पहुंचकर स्टेशन के विकास कार्यों, व्यवस्थाओं और विभिन्न विभागों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर चल रहे कार्यों की धीमी गति और कई खामियों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और सभी कार्य जल्द पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।
डीआरएम ने स्टेशन परिसर, यात्री सुविधाओं, टिकट व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, प्लेटफॉर्म, कार्यालयों और तकनीकी विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने साफ कहा कि यात्रियों की सुविधाओं से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जो भी त्रुटियां निरीक्षण में सामने आई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल ठीक कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों की प्रगति भी देखी गई। डीआरएम ने निर्माण एजेंसियों और रेलवे अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अधूरे कार्यों को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस मौके पर सामाजिक संगठन “शहीद एकता मंच” द्वारा स्टेशन परिसर में चल रही जल सेवा की डीआरएम ने सराहना की। मंच के पदाधिकारियों ने उन्हें मुजफ्फरनगर की प्रसिद्ध मिठास भेंट कर तथा मोमेंटो देकर सम्मानित किया। डीआरएम ने कहा कि भीषण गर्मी में यात्रियों के लिए की जा रही यह सेवा सराहनीय है और समाज के लिए प्रेरणादायक कार्य है।
वहीं व्यापारी नेता संजय मित्तल ने डीआरएम को एक ज्ञापन सौंपकर नई मंडी क्षेत्र की ओर रेलवे स्टेशन का विस्तार करने तथा वहां टिकट खिड़की खोलने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि नई मंडी क्षेत्र से बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन आते हैं, लेकिन वहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस पर डीआरएम ने मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
डीआरएम के निरीक्षण को रेलवे प्रशासन ने बेहद महत्वपूर्ण माना है। माना जा रहा है कि इस निरीक्षण के बाद स्टेशन पर लंबित कार्यों में तेजी आएगी और यात्रियों को जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों में भी हलचल बनी रही तथा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में पूरा अमला जुटा दिखाई दिया।

