गाजियाबाद, 22 मार्च 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) को तेजी से लागू करने के लिए अब सख्ती बढ़ा दी गई है। गाजियाबाद के कौशांबी स्थित होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित मेरठ और सहारनपुर मंडल के संयुक्त मंडल स्तरीय सम्मेलन में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मिशन को हर हाल में जमीन पर प्रभावी तरीके से उतारा जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और मिशन निदेशक, ABDM उत्तर प्रदेश, श्रीमती रितु माहेश्वरी (IAS) ने की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना अब प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सम्मेलन में डिजिटल हेल्थ सिस्टम के जरिए सरकारी और निजी अस्पतालों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि इस मिशन के जरिए मरीजों को बिना किसी परेशानी के तेजी से इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश ABDM के संयुक्त निदेशक डॉ. मोहित सिंह और केंद्र सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) से निदेशक डॉ. पंकज अरोड़ा भी मौजूद रहे। स्टेट नोडल अधिकारी धीरेंद्र कुमार ने मिशन के क्रियान्वयन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया ने कार्यक्रम में तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को नई गाइडलाइंस, डिजिटल सिस्टम के इस्तेमाल और इसे प्रभावी तरीके से लागू करने के तरीकों के बारे में समझाया।
सम्मेलन में अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष (IAS) ने भी अधिकारियों को संबोधित किया और मिशन को सफल बनाने के लिए समन्वय और जिम्मेदारी के साथ काम करने पर जोर दिया। इसके अलावा मेरठ और सहारनपुर मंडल के सभी जिलों के CMO, अपर निदेशक डॉ. सीमा अग्रवाल, डॉ. रामानंद और गाजियाबाद के CMO डॉ. अखिलेश मोहन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस पूरे सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य साफ था—प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाकर आम जनता को तेज, पारदर्शी और आसान चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना। बैठक के अंत में श्रीमती रितु माहेश्वरी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मिशन को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि इसे जमीन पर पूरी गंभीरता के साथ लागू करें, ताकि आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

