खबर उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर से है।
जनप्रतिनिधि यदि जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुने और समाधान के लिए तत्परता दिखाए, तो लोगों का विश्वास और मजबूत होता है। लोकसभा क्षेत्र मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक इन दिनों लगातार जनसंपर्क और जनसुनवाई के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं के समाधान में जुटे हुए हैं। यही कारण है कि उनकी जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं।
हाल ही में जनसुनवाई में क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से आए लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं सांसद के समक्ष रखीं। सांसद हरेंद्र मलिक ने प्रत्येक फरियादी की बात गंभीरता से सुनी और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराने का प्रयास किया। जिन समस्याओं का तत्काल निस्तारण संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों के अधिकारियों तक पहुंचाकर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि जनता ने उन्हें अपनी आवाज बनाकर संसद तक भेजा है, इसलिए क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की समस्या उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा दायित्व जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना और उनकी समस्याओं का समाधान कराना है। इसी सोच के साथ वे लगातार लोगों के बीच जाकर उनकी परेशानियां सुन रहे हैं।
जनसुनवाई के दौरान सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी नागरिक को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और जनसमस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ जनता की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने सांसद की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे आम जनता से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं और समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। लोगों का कहना था कि जनसुनवाई जैसी पहल से आम नागरिकों को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है और प्रशासन तक उनकी आवाज आसानी से पहुंचती है।
क्षेत्र में लगातार सक्रिय जनसंपर्क, जनसुनवाई और विकास कार्यों की निगरानी के कारण सांसद हरेंद्र मलिक की पहचान एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में बन रही है, जो जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्य कर रहे हैं। लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि और जनता के बीच सीधा संवाद जितना मजबूत होगा, शासन व्यवस्था उतनी ही जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। सांसद की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।
खबर उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर से है।
जनप्रतिनिधि यदि जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुने और समाधान के लिए तत्परता दिखाए, तो लोगों का विश्वास और मजबूत होता है। लोकसभा क्षेत्र मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक इन दिनों लगातार जनसंपर्क और जनसुनवाई के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं के समाधान में जुटे हुए हैं। यही कारण है कि उनकी जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं।
हाल ही में जनसुनवाई में क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से आए लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं सांसद के समक्ष रखीं। सांसद हरेंद्र मलिक ने प्रत्येक फरियादी की बात गंभीरता से सुनी और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराने का प्रयास किया। जिन समस्याओं का तत्काल निस्तारण संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों के अधिकारियों तक पहुंचाकर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि जनता ने उन्हें अपनी आवाज बनाकर संसद तक भेजा है, इसलिए क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की समस्या उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा दायित्व जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना और उनकी समस्याओं का समाधान कराना है। इसी सोच के साथ वे लगातार लोगों के बीच जाकर उनकी परेशानियां सुन रहे हैं।
जनसुनवाई के दौरान सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी नागरिक को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और जनसमस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ जनता की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने सांसद की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे आम जनता से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं और समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। लोगों का कहना था कि जनसुनवाई जैसी पहल से आम नागरिकों को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है और प्रशासन तक उनकी आवाज आसानी से पहुंचती है।
क्षेत्र में लगातार सक्रिय जनसंपर्क, जनसुनवाई और विकास कार्यों की निगरानी के कारण सांसद हरेंद्र मलिक की पहचान एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में बन रही है, जो जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्य कर रहे हैं। लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि और जनता के बीच सीधा संवाद जितना मजबूत होगा, शासन व्यवस्था उतनी ही जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। सांसद की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।

