Thursday, October 1, 2026

कर्मयोगी भारत से प्रशासन में बड़ा बदलाव, अधिकारियों को डिजिटल प्रशिक्षण।



मुज़फ्फरनगर में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। कर्मयोगी भारत मिशन के तहत शनिवार, 4 अप्रैल 2026 को जिला पंचायत सभागार (कलेक्ट्रेट) में एक विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री गजेन्द्र कुमार ने की।

यह कार्यक्रम “साधना सप्ताह” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें जिले के लेखपालों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को डिजिटल माध्यम से सक्षम बनाना और उनके कार्यों की गुणवत्ता में सुधार लाना था।

कार्यक्रम में iGOT Karmayogi Portal के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को पोर्टल की पूरी कार्यप्रणाली का लाइव डेमो दिया गया, जिसमें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, कोर्स का चयन, लर्निंग मॉड्यूल और ऑनलाइन असेसमेंट के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से वे अपनी क्षमता और कौशल को लगातार बेहतर बना सकते हैं।

अपर जिलाधिकारी श्री गजेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में “Continuous Learning” यानी निरंतर सीखते रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे नियमित रूप से पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों का अध्ययन करें, ताकि उनकी कार्यक्षमता बढ़े और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आए।

प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक तकनीक, खासकर Artificial Intelligence के बढ़ते उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि AI आधारित टूल्स के जरिए डेटा विश्लेषण, फाइल मैनेजमेंट, रिपोर्ट तैयार करना और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज और सटीक बनाया जा सकता है। इससे कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ती है और वे महत्वपूर्ण कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।

iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर उपलब्ध कोर्सों में प्रशासनिक दक्षता, डिजिटल गवर्नेंस, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन और तकनीकी कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं, जो सरकारी कर्मचारियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। इस मौके पर राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर श्री प्रिंस जैन भी उपस्थित रहे।

यह पहल साफ संकेत देती है कि अब प्रशासन तेजी से डिजिटल और आधुनिक सिस्टम की ओर बढ़ रहा है, जहां सीखना और तकनीक का उपयोग ही बेहतर शासन की कुंजी बनता जा रहा है।

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