आगरा में सामने आए मतांतरण मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में इस केस के तार संदिग्ध आतंकी संगठनों से जुड़ने की आशंका के बाद जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। इसी कड़ी में झारखंड की रांची सेंट्रल जेल में बंद आरोपी अयान जावेद को बी-वारंट पर आगरा लाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक अयान जावेद को झारखंड एटीएस ने वर्ष 2025 में धनबाद से गिरफ्तार किया था। उस पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने के आरोप लगे थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या उसका संबंध प्रतिबंधित संगठनों हिज्ब-उल-तहरीर (Hizb-ut-Tahrir) और AQIS (अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट) से रहा है या नहीं।
आगरा पुलिस का कहना है कि अयान जावेद से पूछताछ इस पूरे मतांतरण नेटवर्क को समझने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अदालत ने उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है, ताकि उससे विस्तृत पूछताछ की जा सके और उसके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
यह पूरा मामला आगरा की दो सगी बहनों के कथित मतांतरण से जुड़ा है। ये दोनों बहनें कुछ समय पहले कोलकाता से बरामद की गई थीं। पुलिस को शक है कि इनके मतांतरण के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा था, जिसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।
जांच एजेंसियां अब इस एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं यह नेटवर्क युवाओं को प्रभावित कर कट्टरपंथ की ओर धकेलने और देश विरोधी गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश तो नहीं कर रहा था। इसी कारण इस केस में आतंकी संगठनों से संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़कर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

