मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा एक्शन देखने को मिला, जब 29 अप्रैल 2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि जमीनी हकीकत जानने के लिए उन्होंने खुद ओपीडी में बैठकर मरीजों को देखा और उनकी समस्याएं सुनीं।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ सीधे हड्डी रोग विभाग (ऑर्थोपेडिक) पहुंचे, जहां उन्होंने मरीजों से बातचीत की। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर जो बातें बताईं, उन्हें गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तुरंत सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि हर मरीज को समय पर इलाज और सम्मान मिलना ही चाहिए—इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
अस्पताल की साफ-सफाई, पंजीकरण काउंटर और दवा वितरण व्यवस्था पर भी सीएमओ की नजर गई। उन्होंने संबंधित स्टाफ को कड़े निर्देश दिए कि व्यवस्था में कोई ढिलाई न रहे और मरीजों को भटकना न पड़े।
इसके बाद उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) का निरीक्षण किया, जहां कुपोषित बच्चों का इलाज किया जाता है। यहां बच्चों को दिए जा रहे आहार, इलाज और साफ-सफाई की स्थिति की गहन जांच की गई। सीएमओ ने साफ निर्देश दिए कि कुपोषित बच्चों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और उनकी माताओं को सही पोषण की जानकारी देना जरूरी है।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की भी जांच की गई। ई-संजीवनी सेवा की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस सुविधा का अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिलना चाहिए, खासकर दूरदराज के मरीजों को, ताकि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह आसानी से मिल सके।
पूरे निरीक्षण के दौरान सीएमओ का रुख सख्त नजर आया। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब अस्पताल में लापरवाही या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ी तो कार्रवाई भी तय है।
👉 कुल मिलाकर यह निरीक्षण एक साफ संदेश है—मुजफ्फरनगर में अब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लापरवाही करने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

