मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ को हटाए जाने के विरोध में जन आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को “सम्राट अशोक स्तंभ पुनर्निर्माण संघर्ष समिति” के बैनर तले सर्व समाज के सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
प्रदर्शनकारी अलमासपुर स्थित शिव मंदिर में एकत्र हुए, जहां से नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचे। इस दौरान लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली।
समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सैनी ने बताया कि सुजडू चौराहे पर स्थित स्वाधीनता चौक में राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ की स्थापना पूर्व में तत्कालीन मंत्री बाबू हुकम सिंह के सानिध्य में कराई गई थी। लेकिन हाल ही में नगर पालिका प्रशासन और एमडीए ने सौंदर्यीकरण के नाम पर इस स्तंभ को “असंवैधानिक तरीके से” हटा दिया, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष से बातचीत की गई थी, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि स्वाधीनता चौक का सौंदर्यीकरण कर अशोक स्तंभ को पुनः स्थापित किया जाएगा, लेकिन अब तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है।
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश जाटव ने कहा कि सम्राट अशोक के समय में अखंड भारत की अवधारणा साकार हुई थी, और आज उसी प्रतीक को हटाना देश की एकता के खिलाफ साजिश जैसा प्रतीत होता है।
प्रदर्शन के बाद समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने आश्वासन देते हुए कहा कि अशोक स्तंभ केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर है, और इसका पुनर्निर्माण भव्य और सुंदर तरीके से जल्द शुरू कराया जाएगा।
इस प्रदर्शन में एडवोकेट राकेश सैनी, सोनू सुदर्शन, सोनू मूंछ, अखिलेश जाटव, अंकुर सैनी, प्रदीप सैनी, वीरेंद्र त्यागी, गौतम कुमार, सचिन ठाकुर, हिमांशु सैनी, कपूर जोगी, प्रदीप कोंरी, आशीष शर्मा, बृजपाल सैनी, सोनू कश्यप, सुखपाल सैनी, नितिन सैनी, अरविंद सैनी, सेंपल सैनी, लकी सैनी और जगतपाल सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
इस पूरे मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है और लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द अशोक स्तंभ का पुनर्निर्माण कर उसकी गरिमा बहाल की जाए।

