Thursday, October 1, 2026

अयोध्या में भड़के संत, मौलाना के बयान पर पोस्टर जलाकर कड़ी कार्रवाई की मांग।

अयोध्या में एक धार्मिक बयान को लेकर विवाद तेज हो गया है। तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य ने बिहार के मौलाना अब्दुल्लाह सलीम के कथित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से मौलाना का पोस्टर जलाया और उस पर पैर रखकर विरोध जताया।

संत परमहंस आचार्य का आरोप है कि मौलाना अब्दुल्लाह सलीम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां और गौवंश के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। इसी आरोप को लेकर अयोध्या में साधु-संतों के बीच नाराजगी देखी जा रही है।

तपस्वी छावनी में आयोजित विरोध के दौरान जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि मातृशक्ति और गाय भारतीय संस्कृति में अत्यंत सम्मान का स्थान रखती हैं और इनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाती है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान परमहंस आचार्य ने बेहद कड़ा बयान देते हुए यह भी घोषणा की कि जो व्यक्ति मौलाना अब्दुल्लाह सलीम को “72 हूरों के पास भेजेगा” उसे एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। उनका यह बयान भी अब चर्चा और विवाद का विषय बन गया है।

संत ने सरकार से मांग की है कि मौलाना अब्दुल्लाह सलीम के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए और उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी National Security Act (NSA) के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

परमहंस आचार्य ने कहा कि मातृशक्ति के खिलाफ अपमानजनक भाषा समाज को आहत करती है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले बयानों को रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।

फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, मौलाना अब्दुल्लाह सलीम के कथित बयान और उसके वीडियो या संदर्भ को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। प्रशासन द्वारा मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट स्थिति सामने आने की संभावना है।

यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है और दोनों पक्षों के बयानों के बाद माहौल संवेदनशील माना जा रहा है।

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