मेरठ। नेशनल कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का से जुड़े चर्चित मामले में उस समय नया और बेहद गंभीर मोड़ आ गया, जब अनुष्का का परिवार सैकड़ों ग्रामीणों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंच गया। परिवार ने पुलिस की जांच और कथित खुलासे पर सवाल खड़े करते हुए दावा किया कि जिस शव को पुलिस ने अनुष्का का बताया है, वह उनकी बेटी का नहीं है।
अनुष्का की मां ने मीडिया और पुलिस अधिकारियों के सामने कई महत्वपूर्ण बातें रखीं। उनका कहना है कि उनकी बेटी लंबे बाल नहीं रखती थी, जबकि बरामद शव के लंबे बाल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया कि अनुष्का सामान्यतः जींस नहीं पहनती थी, जबकि शव पर जींस मिलने की बात सामने आई है। इन आधारों पर परिवार ने शव की पहचान को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है।
परिजनों का कहना है कि जब तक सभी तथ्यों की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक उनकी बेटी को मृत घोषित करना उचित नहीं है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तथा अनुष्का की वास्तविक बरामदगी के लिए प्रयास जारी रखे जाएं।
गौरतलब है कि पुलिस ने देर रात एक शव बरामद कर उसे नेशनल कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का का शव बताया था। साथ ही पुलिस ने दावा किया था कि एक चाऊमीन विक्रेता ने इस वारदात को अंजाम दिया और मामले का खुलासा कर दिया गया है। हालांकि अब परिवार के ताजा आरोपों और शव की पहचान पर उठे सवालों ने पूरे मामले को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
एसएसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की कि डीएनए जांच सहित सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर शव की पहचान सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि जब तक पूरी तरह पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक पुलिस के दावों पर भरोसा करना मुश्किल है।
इस घटनाक्रम के बाद मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में नई बहस शुरू हो गई है। अब सबकी निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट और प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं। यदि परिवार के दावे सही साबित होते हैं तो यह जांच के कई पहलुओं पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। वहीं यदि पुलिस अपने दावों को साक्ष्यों के आधार पर साबित करती है, तो मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
फिलहाल, अनुष्का की मां और परिवार अपनी बेटी की सकुशल बरामदगी की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि पुलिस मामले की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। यह मामला अब केवल एक हत्या की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शव की पहचान और जांच की विश्वसनीयता का भी बड़ा सवाल बन गया है।

