Yogi Adityanath ने सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ‘अनुदेशक सम्मान समारोह’ एवं चेक वितरण कार्यक्रम में भाग लिया। यह आयोजन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत समग्र शिक्षा अभियान के तहत किया गया, जिसमें प्रदेश के 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणा की गई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बाल वाटिका से लेकर कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किए गए समग्र रिपोर्ट कार्ड का भी विमोचन किया। सरकार के अनुसार यह रिपोर्ट कार्ड केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, व्यवहार, रचनात्मकता और सीखने की प्रगति का भी आकलन करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा को समाज की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि शुरुआती शिक्षा जितनी सुदृढ़ होगी, भविष्य उतना ही बेहतर बनेगा।
अंशकालिक अनुदेशकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने और बच्चों को नई शिक्षा पद्धति से जोड़ने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार उनके कार्यों को सम्मान देने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मानदेय वृद्धि को इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में अनुदेशक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिक्षा सुधार, विद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार और बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि नई शिक्षा व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों की नियमित प्रगति पर निगरानी रखने और अभिभावकों को सही एवं विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समग्र रिपोर्ट कार्ड लागू किया जा रहा है।
सरकार ने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों की शिक्षा और विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही प्रदेश की नई पीढ़ी को मजबूत, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

