महाभारत काल से जुड़ा ऐतिहासिक नगर हस्तिनापुर लंबे समय से सरकारी उपेक्षा और विकास की कमी से जूझ रहा था। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद यह क्षेत्र न तो किसी बड़ी केंद्रीय योजना में शामिल हो सका था और न ही इसे राष्ट्रीय पहचान मिल पाई थी। वर्षों से स्थानीय लोग, सामाजिक संगठन और इतिहास से जुड़े विद्वान लगातार मांग कर रहे थे कि हस्तिनापुर को एक संरक्षित और विकसित पुरातात्विक-सांस्कृतिक स्थल के रूप में स्थापित किया जाए।
क्या थी वर्षों पुरानी परेशानी
हस्तिनापुर में
ऐतिहासिक धरोहरों का वैज्ञानिक संरक्षण नहीं हो पा रहा था
पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव था
सुनियोजित पर्यटन विकास नहीं होने से स्थानीय रोजगार के अवसर सीमित थे
केंद्र स्तर पर कोई स्पष्ट विकास योजना लागू नहीं थी
इन कारणों से हस्तिनापुर अपनी ऐतिहासिक पहचान के बावजूद पीछे छूटता जा रहा था।
सांसद चंदन चौहान का प्रयास
बिजनौर लोकसभा से सांसद चंदन चौहान ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए हस्तिनापुर के मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष लगातार उठाया। उपलब्ध आधिकारिक पत्राचार और प्रतिनिधित्व के आधार पर सांसद चंदन चौहान ने हस्तिनापुर को केवल स्थानीय विषय न मानकर राष्ट्रीय विरासत से जुड़ा मुद्दा बताया।
सूत्रों के अनुसार सांसद चंदन चौहान ने:
हस्तिनापुर को सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक महत्व का विशेष स्थल घोषित करने का प्रस्ताव रखा
संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों को लिखित रूप से मांग भेजी
बजट पूर्व चर्चाओं और प्रतिनिधित्व के माध्यम से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया
यह तर्क रखा कि हस्तिनापुर का विकास इतिहास संरक्षण, पर्यटन और रोजगार — तीनों के लिए जरूरी है
उनका लगातार जोर इस बात पर रहा कि यदि हस्तिनापुर को समय रहते संरक्षित और विकसित नहीं किया गया, तो देश अपनी एक अमूल्य धरोहर खो सकता है।
कैसे पूरी हुई मांग
सांसद स्तर पर लगातार किए गए प्रयासों और केंद्र सरकार के सकारात्मक रुख के बाद आम बजट 2026–27 में हस्तिनापुर को एक जीवंत पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई। यह पहली बार है जब हस्तिनापुर को लेकर बजट में स्पष्ट और ठोस निर्णय सामने आया है।
क्यों अहम है यह फैसला
इस निर्णय से
हस्तिनापुर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी
ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण सुनिश्चित होगा
पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला बिना निरंतर प्रतिनिधित्व और ठोस पक्ष रखे संभव नहीं था।
क्षेत्र में प्रतिक्रिया
बजट में घोषणा के बाद हस्तिनापुर और बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में संतोष और उम्मीद का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से उठ रही मांग अब जाकर पूरी हुई है और इसके पीछे सांसद चंदन चौहान की सक्रिय भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
हस्तिनापुर को मिली यह सौगात अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही मांग और सांसद स्तर पर किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है। यह निर्णय आने वाले समय में हस्तिनापुर को उपेक्षा से निकालकर विकास के नए दौर में ले जाने वाला साबित हो सकता है।

