बदायूं में एचपीसीएल उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। आज मृतक के परिजन पूरनपुर से बदायूं पहुंचकर एसएसपी से मिले और न्याय की मांग को लेकर जमकर आक्रोश जताया। परिजनों ने न सिर्फ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए, बल्कि पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की है।
मृतक के मामा विकास मिश्रा ने बेहद भावुक और आक्रोशित अंदाज में कहा कि उनका भांजा बेहद होनहार था और दो बार यूपीएससी परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंचा था। उन्होंने आरोप लगाया कि हर्षित ने अपनी जान को खतरे की सूचना 7 दिन पहले ही पुलिस को दे दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि रास्ते भर पीलीभीत से बरेली तक पुलिस उन्हें गुमराह करती रही और बदायूं आने से रोकने की कोशिश की गई।
विकास मिश्रा ने मामले में स्थानीय विधायक, सेंजनी गांव के प्रधान और कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर उनके भांजे को न्याय नहीं मिला तो वह किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को मामला सौंपने की मांग की।
वहीं, मृतक के पिता शुशील मिश्रा ने एसएसपी से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह एसआईटी जांच के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हैं, लेकिन उन्हें इस पर भरोसा नहीं है और वे सीबीआई जांच चाहते हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी की मांग की।
मृतक की मां ने भी अपने बेटे की हत्या को निर्मम बताते हुए न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि उन्हें सीसीटीवी फुटेज दिखाई जाए और असली आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जहां छोटे मामलों में तुरंत कार्रवाई होती है, वहीं इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं।
इस पूरे मामले ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का गुस्सा और उनकी मांगें साफ संकेत दे रही हैं कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, यह मामला और गरमाता रहेगा।

