मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद में सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब सफाई कर्मचारियों और पालिका कर्मियों ने स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने स्वास्थ्य अधिकारी पर अभद्र व्यवहार, उत्पीड़न और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए। कर्मचारियों की नाराजगी इतनी बढ़ गई कि नगर पालिका परिसर में लंबे समय तक हंगामे और नारेबाजी का माहौल बना रहा।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन कुछ कर्मचारियों को मुजफ्फरनगर से शुक्रताल में ड्यूटी के लिए भेजने की तैयारी कर रहा था। कर्मचारियों के अनुसार बिना पर्याप्त व्यवस्था और सहमति के दूसरे स्थान पर ड्यूटी लगाने का फैसला लिया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई।
कर्मचारियों का आरोप है कि जब उन्होंने इस निर्णय का विरोध करते हुए अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं, तो उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार किया गया। सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और जातिसूचक शब्द कहकर कर्मचारियों का अपमान किया।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना उचित सुविधा और व्यवस्था के दूसरी जगह ड्यूटी भेजने से न सिर्फ उनकी कार्य व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि उनके परिवार और निजी जीवन पर भी असर पड़ता है।
कर्मचारियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और जांच कर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
दिनभर नगर पालिका परिसर में इस मामले को लेकर चर्चाओं का माहौल बना रहा। कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण वहां काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

