हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित स्वर्णकार नेतृत्व संगम कार्यक्रम में देशभर से आए सोनार समाज के लोगों ने एकजुटता और राजनीतिक भागीदारी को लेकर बड़ा संदेश दिया। इस सम्मेलन में मुजफ्फरनगर सहित कई राज्यों से हजारों लोगों की भागीदारी ने समाज की बढ़ती सक्रियता और भविष्य की रणनीति को साफ तौर पर सामने रखा।
फरीदाबाद के सेंट्रल पार्क में हुए इस आयोजन में अलग-अलग राज्यों के सांसद, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और समाज के प्रमुख लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सोनार समाज को एकजुट करना और देश की राजनीति में उसकी भागीदारी बढ़ाना रहा। वक्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी अभी बहुत कम है और इसे बढ़ाने के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं।
सम्मेलन में यह भी चर्चा हुई कि शिक्षित युवाओं को राजनीति में आगे आकर नेतृत्व संभालना चाहिए। समाज के उत्थान, अधिकारों और पहचान को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही “स्वर्णकार कला बोर्ड” के गठन और समाज के संस्थापक महाराजा अजमीढ़ जी के नाम पर राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर अवकाश घोषित करने की मांग भी उठी।
मुजफ्फरनगर से बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। समाज के स्थानीय पदाधिकारियों के अनुसार, यह भागीदारी इस बात का संकेत है कि अब समाज अपने अधिकारों और प्रतिनिधित्व को लेकर गंभीर हो चुका है।
मुजफ्फरनगर सोनार समाज के अध्यक्ष पवन वर्मा ने बताया कि जल्द ही मुजफ्फरनगर में भी एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें न केवल जिले बल्कि अन्य राज्यों से भी समाज के लोगों को बुलाया जाएगा। इस सम्मेलन में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक रणनीति तैयार की जाएगी।
कुल मिलाकर, फरीदाबाद का यह सम्मेलन सोनार समाज के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जहां से समाज ने एकजुट होकर राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने का संकल्प लिया है। आने वाले चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है।

