राकेश राठौर और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। शहर कोतवाल से नाराज़ सांसद राठौर अपने लोहार बाग स्थित आवास के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि मामला उस समय बढ़ा जब सांसद अपने समर्थकों के साथ महोली के बछवल गांव जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान शहर कोतवाल दिनेश प्रकाश पांडेय ने उन्हें रोक दिया। इस बात पर सांसद भड़क उठे और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के साथ धक्का–मुक्की तक की नौबत आ गई।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नाराज़ सांसद ने मौके पर ही पुलिस अधिकारियों से कहा, “मुझे फांसी दे दो”, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए। इसके बाद सांसद अपने आवास पर पहुंचकर आमरण अनशन पर बैठ गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम सदर जनार्दन और सीओ सिटी कपूर कुमार ने सांसद को मनाने की काफी कोशिश की, लेकिन देर रात तक भी वे अनशन खत्म करने को तैयार नहीं हुए।
जानकारी के मुताबिक, सांसद राठौर कांग्रेस के 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ गाजीपुर जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें रोके जाने से विवाद की शुरुआत हुई, जो अब राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव में बदल गया है।
सांसद ने कोतवाल दिनेश प्रकाश पांडेय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस प्रशासन पूरे मामले को संभालने और हालात सामान्य करने की कोशिश में जुटा है।
फिलहाल, सीतापुर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सभी की नजर इस बात पर है कि यह टकराव आगे क्या मोड़ लेता है।

