मुजफ्फरनगर।
नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित सीएमओ कार्यालय के बाहर शनिवार को एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक गाय के बच्चे का जला हुआ शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जैसे ही घटना की जानकारी फैली, बड़ी संख्या में सनातनी गौसेवक मौके पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही नगर कोतवाल बबलू सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। गौसेवकों और पुलिस के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद मामला शांत हो सका। पुलिस ने जले हुए गौवंश के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों ने कहीं से गौवंश को कट्टे में भरकर यहां लाया और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके।
मौके पर मौजूद गौसेवक अमन सोहनकर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में लगातार गौवंश के शव नालों, कूड़े के ढेरों और सुनसान स्थानों पर फेंके जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और नगर पालिका की लापरवाही के कारण ऐसी अमानवीय घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार और नगर पालिका से मांग की कि गौवंश के अंतिम संस्कार के लिए एक स्थायी और सम्मानजनक स्थान जल्द से जल्द तय किया जाए।
वहीं, सीएमओ सुनील कुमार तेवतिया ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही संबंधित कर्मचारियों को तत्काल एफआईआर दर्ज कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने भरोसा दिलाया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न सिर्फ प्रशासन के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। गोवंश के संरक्षण और सुरक्षा को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं पर यह सवाल खड़ा करती है और यह साफ संदेश देती है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट

