Friday, October 2, 2026

सीएमओ का सख्त निरीक्षण, स्वास्थ्य मेलों की व्यवस्थाओं पर कड़ी नजर!



मुजफ्फरनगर, 10 मई।
जनपद में प्रत्येक रविवार आयोजित किए जा रहे मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों की व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। रविवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखीं। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न करने के स्पष्ट संकेत दिए गए।

सीएमओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जसोई, गालिबपुर, नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खतौली, बोपाड़ा तथा जड़ौदा पहुंचकर वहां चल रही स्वास्थ्य सेवाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी में मरीजों की संख्या, दवा वितरण व्यवस्था, टीकाकरण, पैथोलॉजी जांच, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तार से जानकारी ली। कई स्थानों पर मरीजों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान डॉ. सुनील तेवतिया ने चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में आने वाले हर मरीज को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।

सीएमओ ने साफ शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

निरीक्षण के समय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी हलचल बनी रही। कई केंद्रों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते कर्मचारी दिखाई दिए। सीएमओ ने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि स्वास्थ्य मेले केवल औपचारिकता नहीं बल्कि ग्रामीण जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने का बड़ा माध्यम हैं, इसलिए प्रत्येक कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता और ईमानदारी से निभाए।

उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और नियमित स्वास्थ्य जांच कराकर गंभीर बीमारियों से बचाव करें। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि गांव-गांव तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचें और मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।

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