मेरठ। शिवसेना (यूबीटी) मेरठ इकाई द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय के प्रस्तावित घेराव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। संगठन का आरोप है कि उसके एक कार्यकर्ता को दुष्कर्म के आरोप से जुड़े एक मामले में गलत तरीके से जेल भेजा गया है। इस संबंध में संगठन पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन को अपने पक्ष के साक्ष्य सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) ने पहले एसएसपी कार्यालय के घेराव की घोषणा की थी। कार्यक्रम की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया और कमिश्नरी से लेकर कप्तान कार्यालय तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। इसी क्रम में भावनपुर थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ छीपी टैंक स्थित शिवसेना कार्यालय पहुंचे और संगठन पदाधिकारियों से बातचीत की।
बैठक के दौरान शिवसेना के प्रदेश महासचिव धर्मेन्द्र तोमर ने थाना प्रभारी के समक्ष संगठन के कार्यकर्ता शिवम् से जुड़े मामले को उठाया। उनका कहना था कि जिस दिन और समय की घटना का उल्लेख किया गया है, उस समय संबंधित कार्यकर्ता एक सार्वजनिक प्रदर्शन कार्यक्रम में मौजूद था। उन्होंने दावा किया कि इसके समर्थन में उनके पास आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध हैं।
बताया गया कि थाना प्रभारी ने संगठन के प्रतिनिधियों से सभी उपलब्ध दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि या तथ्यात्मक विसंगति सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और मामले की समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
इसके बाद शिवसेना पदाधिकारियों ने संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए। बातचीत के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद संगठन ने एसएसपी कार्यालय के प्रस्तावित घेराव कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया।
इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने कहा कि उसे निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है तथा वह मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की अपेक्षा करता है।
वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की विधिक प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी मामले में अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

