मुजफ्फरनगर। कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं और आम लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए ठंडे पानी के वाटर कूलर के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मंगलवार को उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब जिला बार संघ के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम का कड़ा विरोध कर दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि उद्घाटन कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा और नगर पालिका अध्यक्ष सहित प्रशासनिक अधिकारियों को बिना उद्घाटन किए वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद द्वारा 15वें वित्त आयोग की निधि से कचहरी परिसर स्थित सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय के बाहर ठंडे पानी का आधुनिक वाटर कूलर स्थापित कराया गया था। इसका उद्देश्य भीषण गर्मी में अधिवक्ताओं, वादकारियों और न्यायालय आने वाले आम नागरिकों को शीतल पेयजल उपलब्ध कराना था। वाटर कूलर के उद्घाटन के लिए नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट समेत कई गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
बताया जाता है कि जैसे ही उद्घाटन की औपचारिकताएं शुरू होने वाली थीं, जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी और महासचिव सुरेंद्र मलिक ने कार्यक्रम पर आपत्ति जता दी। बार संघ पदाधिकारियों का कहना था कि कचहरी परिसर में लगाए गए वाटर कूलर पर जिला बार संघ का नाम अंकित नहीं किया गया है, जबकि इस सुविधा का सबसे अधिक उपयोग अधिवक्ता और न्यायालय आने वाले लोग करेंगे। इसी मुद्दे को लेकर बार संघ पदाधिकारियों और इस कार्य के प्रयासकर्ता शलभ गुप्ता के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कार्यक्रम स्थल पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान कार्यक्रम में पहुंचे वैश्य समाज से जुड़े कुछ लोगों और बार संघ पदाधिकारियों के बीच भी तीखी कहासुनी हुई। बार संघ के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके संगठन से जुड़े मामलों में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ने से मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति कुछ समय के लिए बेहद असहज हो गई।
जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने दो टूक शब्दों में कहा कि बार संघ की गरिमा, सम्मान और अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि बार संघ को उचित सम्मान नहीं दिया जाता है तो ऐसी सुविधा स्वीकार करने का भी कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिवक्ताओं के हितों और सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
विवाद लगातार बढ़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन मामला शांत नहीं हो सका। इसके बाद उद्घाटन कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया। नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, सिटी मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारी बिना उद्घाटन किए ही कार्यक्रम स्थल से लौट गए।
सूत्रों के अनुसार बाद में संबंधित पक्षों के बीच बातचीत कर विवाद सुलझाने की कोशिश की गई। फिलहाल उद्घाटन कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है और नई तिथि तय होने के बाद दोबारा आयोजन किया जाएगा। हालांकि इस घटना ने कचहरी परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है और अधिवक्ताओं के बीच भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

