बीकेटी (बख्शी का तालाब) क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां दंगा भड़काने की साजिश और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगे हैं। इटौंजा निवासी दीपक शुक्ला ने आरोप लगाया है कि उन्हें न सिर्फ घेरकर धमकाया गया, बल्कि बाद में मोबाइल फोन पर भी हत्या की धमकी दी गई।
बताया जा रहा है कि बीते बृहस्पतिवार को रैथा रोड स्थित नैमिष नगर योजना में किसानों का धरना समाप्त होने के बाद, जब दीपक शुक्ला वापस लौट रहे थे, तभी कुछ दबंगों ने उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया। इससे पहले वे एलडीए की अधिकारी संगीता राघव को ज्ञापन सौंपकर लौट रहे थे।
पीड़ित के अनुसार, इस दौरान राजेंद्र गुप्ता, उनके पुत्र अंकित और 4-5 अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया और धमकी दी। आरोप है कि हमलावरों ने कहा— “दंगा भड़काने का प्लान था, तुमने उसे बिगाड़ दिया”। साथ ही “चोटी काटने” जैसी आपत्तिजनक और डराने वाली धमकियां भी दी गईं।
मामला यहीं नहीं रुका। अगले दिन दीपक शुक्ला के मोबाइल पर कॉल कर उन्हें फिर से जान से मारने की धमकी दी गई। इस दौरान योगेश शुक्ला को लेकर भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ित ने सैरपुर थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग और मोबाइल स्क्रीनशॉट जैसे सबूत भी सौंपे हैं।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। वहीं पीड़ित की मांग है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे और इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
यह मामला न सिर्फ व्यक्तिगत धमकी का है, बल्कि इसमें दंगा भड़काने जैसी गंभीर साजिश के आरोप भी जुड़े हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

