उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी पहल करते हुए JEE, NEET और अन्य प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग योजना शुरू की है। इस योजना के तहत प्रदेश के सरकारी और चयनित शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों को बिना किसी शुल्क के उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग दी जाएगी, जिससे वे इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकें। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली छात्र के भविष्य में बाधा न बने। इस योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें 10वीं और 12वीं पास या अध्ययनरत छात्र आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता, पारिवारिक आय और आरक्षण नियमों को ध्यान में रखा जाएगा।
योजना के अंतर्गत चयनित छात्रों को अनुभवी शिक्षकों द्वारा नियमित कक्षाएं, टेस्ट सीरीज, स्टडी मटेरियल और करियर गाइडेंस उपलब्ध कराई जाएगी। खास बात यह है कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के छात्रों को भी इस योजना से जोड़ने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि शिक्षा का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे। उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि यह पहल प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, शिक्षा में समान अवसर देने और मेडिकल व तकनीकी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की भागीदारी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की मुफ्त कोचिंग योजनाएं न सिर्फ छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाती हैं, बल्कि निजी कोचिंग पर होने वाले भारी खर्च से मध्यम और गरीब परिवारों को भी राहत देती हैं। आने वाले वर्षों में इस योजना से हजारों छात्रों के सफल होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे उत्तर प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है।

