Thursday, October 1, 2026

युद्ध के साए में दुबई में फंसे 44 भारतीय, भारत वापसी की गुहार।





दुबई/ग्रेटर नोएडा।
दुबई घूमने गए भारत के 44 नागरिक इस समय वहां फंसे हुए हैं। क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव और सुरक्षा कारणों से उड़ानों पर असर पड़ा है, जिसके चलते उनकी 28 फरवरी और 1 मार्च की वापसी फ्लाइट रद्द कर दी गई। अचानक बदले हालात के कारण पूरा ग्रुप दुबई में ही रुकने को मजबूर हो गया है।

यह ग्रुप उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा, नोएडा और दिल्ली सहित जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और पंजाब के लोगों का है। सभी लोग एक निजी ट्रैवल कंपनी के माध्यम से 26 फरवरी को पर्यटन के लिए दुबई पहुंचे थे। यात्रा पूरी कर वे निर्धारित तिथि पर भारत लौटने वाले थे, लेकिन इसी बीच क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

ग्रेटर नोएडा सेक्टर-36 निवासी कैलाश ने बताया कि वे लोग सामान्य टूर पर गए थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक हालात बदल गए। एयरपोर्ट पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई और कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। उनकी फ्लाइट भी निरस्त कर दी गई, जिसके बाद से वे सभी दुबई में फंसे हुए हैं।

कैलाश के मुताबिक, “हम लोग 26 तारीख को यहां पहुंचे थे और 28 फरवरी व 1 मार्च को हमारी वापसी थी। लेकिन अचानक क्षेत्र में हालात बिगड़ गए। अब फ्लाइट रद्द होने से हम लोग यहीं रुक गए हैं। परिवार वाले भारत में बेहद चिंतित हैं। हम सरकार से अपील कर रहे हैं कि हमें सुरक्षित वापस लाया जाए।”

ग्रुप में महिलाएं भी शामिल हैं, जिससे परिवारों की चिंता और बढ़ गई है। लगातार अनिश्चितता के कारण सभी लोग मानसिक तनाव में हैं। हालांकि फिलहाल सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन उड़ानों के दोबारा शुरू होने को लेकर स्पष्ट जानकारी न मिलने से परेशानी बनी हुई है।

फंसे हुए लोगों ने भारत सरकार और दुबई स्थित भारतीय दूतावास से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि अगर नियमित उड़ानें शुरू नहीं होती हैं, तो विशेष फ्लाइट या वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए उन्हें जल्द से जल्द भारत भेजा जाए।

भारत में उनके परिजन भी प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं और सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। परिवारों का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार को तुरंत कदम उठाकर सभी नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए।

फिलहाल पूरा मामला मानवीय और संवेदनशील बन गया है। सभी 44 भारतीय दुबई में एक साथ ठहरे हुए हैं और स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। उनकी एक ही मांग है—सुरक्षित और शीघ्र भारत वापसी।

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