Friday, October 2, 2026

मेहनत और ईमानदार कार्यशैली की मिसाल: SDM से ADM बनीं निकिता शर्मा!

मेहनत और ईमानदार कार्यशैली की मिसाल: SDM से ADM बनीं निकिता शर्मा!

संघर्ष से प्रशासनिक सेवा तक का सफर: कौन हैं निकिता शर्मा, जो SDM से बनीं ADM

मुजफ्फरनगर में अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली और जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाने वाली निकिता शर्मा अब पदोन्नत होकर एडीएम (अपर जिलाधिकारी) बन गई हैं। उनके प्रमोशन की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों से लेकर आम लोगों तक खुशी का माहौल है। एक मेहनती और तेजतर्रार महिला अधिकारी के रूप में पहचान बनाने वाली निकिता शर्मा का सफर आज कई युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुका है।

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार निकिता शर्मा का जन्म 31 मार्च 1995 को हरियाणा में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई बेहद मेहनत और अनुशासन के साथ पूरी की। उच्च शिक्षा के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था। बताया जाता है कि उन्होंने स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही यूपी PCS की तैयारी शुरू कर दी थी और लगातार मेहनत के दम पर सफलता हासिल की। वह जामिया मिल्लिया इस्लामिया से भी जुड़ी रही हैं और अपनी पढ़ाई के दौरान मेधावी छात्रा मानी जाती थीं।

निकिता शर्मा ने वर्ष 2021 के आसपास उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा में अपनी जिम्मेदारियों की शुरुआत की। अधिकारी बनने के बाद उन्होंने कई जिलों में प्रशासनिक दायित्व संभाले। मुजफ्फरनगर में उन्होंने सदर और खतौली क्षेत्र में एसडीएम के रूप में कार्य किया। इसके अलावा शामली जनपद के कैराना क्षेत्र में भी उन्होंने प्रशासनिक सेवाएं दीं।

अपने कार्यकाल के दौरान निकिता शर्मा की पहचान एक ऐसी अधिकारी के रूप में बनी, जो फील्ड में उतरकर काम करना पसंद करती हैं। राजस्व मामलों, अतिक्रमण हटाने, जनसुनवाई, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे मामलों में उन्होंने लगातार सख्त रुख अपनाया। कई बार उन्होंने मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान उन्होंने तहसील स्तर पर आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। फरियाद लेकर आने वाले लोगों को केवल आश्वासन देने के बजाय समाधान पर काम करना उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान रही। जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का कारण यही रहा कि उन्होंने प्रशासन को केवल दफ्तर तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन पर जाकर काम किया।

त्योहारों, संवेदनशील मामलों और कानून व्यवस्था से जुड़े कई मौकों पर निकिता शर्मा ने प्रशासनिक जिम्मेदारियां मजबूती से संभालीं। महिला सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर भी उनका रवैया काफी सख्त माना जाता रहा है। कई मामलों में उन्होंने निष्पक्ष कार्रवाई कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया।

निकिता शर्मा निजी जीवन को लेकर भी चर्चा में रही हैं। सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उनका विवाह भारतीय सेना के एक अधिकारी से हुआ है। हाल ही में उनके घर पुत्री के जन्म की खबर भी सामने आई थी, जिसके बाद लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी थीं।

हालांकि प्रशासनिक सेवा के दौरान उनका नाम कुछ विवादों में भी आया, लेकिन इसके बावजूद उनकी पहचान एक सक्रिय और प्रभावशाली अधिकारी के रूप में बनी रही। प्रशासनिक हलकों में माना जाता है कि निकिता शर्मा ने अपने कार्यों और मेहनत के दम पर अलग पहचान बनाई है।

अब SDM से ADM बनने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। लोगों को उम्मीद है कि जिस तरह उन्होंने अब तक जनता के हित में कार्य किया, उसी तरह नई जिम्मेदारी में भी प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करेंगी। मुजफ्फरनगर में उनका प्रमोशन केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक मेहनती महिला अधिकारी की उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।

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