उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस प्रशिक्षण को एक नया और प्रभावी रूप देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने 2023 बैच के 498 प्रशिक्षु दरोगाओं के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया। इस सत्र में प्रशिक्षुओं को फिल्म ‘धुरंधर 2’ दिखाई गई, जिसका उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि उन्हें कर्तव्य, अनुशासन और जिम्मेदारी का गहरा संदेश देना था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिल्म में देशभक्ति, परिवार के प्रति जिम्मेदारी और कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रभावशाली तरीके से दर्शाया गया है। इन मूल्यों को नए दरोगाओं के प्रशिक्षण से जोड़ते हुए उन्हें यह समझाने की कोशिश की गई कि एक पुलिस अधिकारी का व्यवहार और निर्णय समाज पर कितना बड़ा असर डालता है।
फिल्म प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने प्रशिक्षुओं के साथ विस्तृत चर्चा भी की। इस दौरान उन्हें वर्तमान समय की चुनौतियों से निपटने के तरीके, संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क को तोड़ने की रणनीतियाँ, तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय समझाए गए।
एसएसपी अविनाश पांडेय का मानना है कि पारंपरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ इस तरह के प्रेरक माध्यमों का उपयोग करने से प्रशिक्षुओं में कर्तव्य के प्रति संवेदनशीलता और मानसिक मजबूती विकसित होती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में पुलिस को केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज का भरोसेमंद संरक्षक बनकर काम करना होगा।
यह पहल इस बात का संकेत है कि पुलिस विभाग अब प्रशिक्षण के नए तरीकों को अपनाते हुए अपने जवानों को अधिक जागरूक, जिम्मेदार और आधुनिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

