मेरठ में पुलिस ने आधुनिक तकनीक और तेज़ कार्रवाई का बड़ा उदाहरण पेश करते हुए एक शातिर जेबकतरी गैंग का भंडाफोड़ किया है। यक्ष एप की मदद से इस गिरोह के सरगना सरफराज समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मामला 11 मार्च 2026 का है, जब मुजफ्फरनगर निवासी आदेश अपनी पत्नी के साथ मथुरा दर्शन के लिए जा रहे थे। वे बेगम पुल से इलेक्ट्रिक बस में सवार होकर हापुड़ अड्डा की ओर जा रहे थे। बस में भीड़ का फायदा उठाकर एक शातिर बदमाश ने उनकी जेब काट ली, जिसमें करीब ₹20,000 रुपये थे। पीड़ित के मुताबिक, घटना को अंजाम देने वाला आरोपी अकेला नहीं था, बल्कि उसके साथ तीन और साथी मौजूद थे। वारदात के बाद चारों आरोपी हापुड़ अड्डा पर उतरकर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस हरकत में आई और तुरंत जांच शुरू की गई। पुलिस ने यक्ष एप के जरिए आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। फुटेज में दिखे एक व्यक्ति का हुलिया तकनीकी विश्लेषण के जरिए सरफराज नाम के अपराधी से मेल खाता पाया गया।
पुलिस टीम ने सरफराज की पहचान की पुष्टि कर उसे हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने तीन साथियों—फरीद अंसारी, शहजाद और इमरान—के साथ मिलकर जेबकतरी की वारदात को अंजाम देना कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी गंभीर है:
सरफराज उर्फ सरूर: चोरी के 2 मामले दर्ज
फरीद अंसारी: हत्या, फायरिंग और चोरी समेत 7 मुकदमे
शहजाद: चोरी के 2 मामले
इमरान: चोरी, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत 5 मुकदमे
पुलिस के अनुसार, यह गैंग भीड़भाड़ वाली जगहों और सार्वजनिक वाहनों में लोगों को निशाना बनाता था।
मेरठ पुलिस ने बताया कि यक्ष एप जैसे डिजिटल टूल की मदद से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में तेजी आई है। इस कार्रवाई से साफ है कि अब अपराधियों के लिए भीड़ में छिपकर बच निकलना आसान नहीं रह गया है।

