मुजफ्फरनगर में मिलावटी तेल फैक्ट्री पकड़ी गई:खाद्य विभाग ने हजारों लीटर सरसों, राइस तेल और रिफाइंड जब्त किया।
मुजफ्फरनगर के वहलना में एक मिलावटी तेल और रिफाइंड फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। सहारनपुर से आई खाद्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को छापा मारकर हजारों लीटर मिलावटी तेल और रिफाइंड जब्त किया। प्राथमिक जांच में सरसों और चावल के तेल तथा रिफाइंड में प्रतिबंधित आरजी मोन, कलर और अरंडी का तेल मिलाने की पुष्टि हुई है। खाद्य विभाग ने लाखों रुपये का माल जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सहारनपुर मंडल के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। इस टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल चौधरी, अनंत कुमार, अश्वनी और पूनम शर्मा शामिल थे। टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर मुजफ्फरनगर के वहलना गांव के बाहर स्थित ‘काव्य ट्रेडिंग कंपनी’ पर छापा मारा।
खाद्य विभाग की टीम ने पुलिस की सहायता से फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों को एक तरफ बैठाकर जांच-पड़ताल की। मौके से कलर, अरंडी का तेल और कुछ अन्य प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई। एफएसडब्ल्यू की जांच में सरसों और राइस के तेल तथा रिफाइंड में प्रतिबंधित आरजी मोन, कलर और अरंडी के तेल की मिलावट पाई गई। टीम को फैक्ट्री से लगभग 17 विभिन्न ब्रांडों के रैपर भी मिले, हालांकि ये रैपर किसी प्रसिद्ध कंपनी से संबंधित नहीं थे। फैक्ट्री मालिक ने मौके पर मिलावटखोरी से इनकार किया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि जांच के दौरान बड़े पैमाने पर सरसों के तेल और रिफाइंड में मिलावट की पुष्टि हुई है। यहां से कुल 8 नमूने लिए गए हैं और हजारों लीटर तेल तथा रिफाइंड जब्त किया गया है।
यह तेल टैंकरों में भरा हुआ था। यही नहीं प्राथमिक जांच में प्रतिबंधित आरजी मोन, कलर और अरंडी के तेल मिलाने की हुई पुष्टि हुई है। बाकी रिपोर्ट नमूनों की जांच मंे आ जाएगी। यह जनस्वास्थ्य से जुडा गंभीर मामला है, जिसमें संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उधर काव्य टेडिंग कंपनी के संचालक विक्रांत मित्तल ने मिलावटखोरी के आरोपों से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि उनके यहां किसी तरह से तेल अथवा रिफाइंड का उत्पाद नहीं होता है। वो तो तेल और रिफाइंड मंगाकर उसे अपने ब्रांड में पैक कराकर बेचते है।

