मुजफ्फरनगर में पुलिस की गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सर्राफा व्यापारियों ने दो युवकों पर कथित फर्जी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए अपना बाजार बंद कर दिया और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस विरोध में सैकड़ों व्यापारी शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी जताई।
दरअसल, जिले में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने एक संगठित गैंग के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए करीब 10 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि ये आरोपी हत्या के प्रयास, अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और फायरिंग जैसी गंभीर वारदातों में शामिल रहे हैं, जिससे इलाके में डर का माहौल बना हुआ था।
हालांकि, सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि इस कार्रवाई में दो निर्दोष युवकों को गलत तरीके से फंसाया गया है। इसी के विरोध में व्यापारियों ने बाजार बंद कर धरना दिया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। व्यापारियों ने जिला अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
धरना स्थल पर कपिल देव (राज्यमंत्री) और हरेंद्र मलिक भी पहुंचे। दोनों नेताओं ने व्यापारियों की बात सुनी और प्रशासन को निष्पक्ष जांच के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन के बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
व्यापारियों का कहना है कि यदि जांच में निष्पक्षता नहीं बरती गई, तो वे आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं पुलिस अपने रुख पर कायम है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह रही है।
फिलहाल, यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

