मुजफ्फरनगर।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2026 को शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में मुजफ्फरनगर के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर से एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मुजफ्फरनगर द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना था।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। विशेष रूप से महिला चिकित्सा अधिकारियों, एएनएम, स्टाफ नर्स और आशा संगिनी बहनों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर महिला सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। रैली के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत नारी सशक्तिकरण विषय पर भाषण, स्पीच, कविताएं और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महिलाओं की भूमिका, उनके अधिकारों और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला चिकित्सा अधिकारियों, एएनएम, स्टाफ नर्स और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना से जुड़े कुछ लाभार्थियों को भी प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी और समर्पण से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।
कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिखा गुप्ता, महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुप्रिया चौहान, एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की प्रधानाचार्य श्रीमती सरिता शीतवाल, नर्सिंग ट्यूटर श्रीमती सोनी, आशा संघ की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला चौधरी सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
इसके अलावा आयुष्मान भारत कार्यक्रम यूनिट से डॉ. आकाश त्यागी, श्री शोज़ेब जैदी, श्री मनोज, श्री अश्वनी त्यागी, श्री सुरेश और मोबीन ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री पाकेश द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के सम्मान, अधिकार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की निरंतर जिम्मेदारी है।

