Friday, October 2, 2026

महिला आरक्षण विरोध पर भड़के व्यापारी, विपक्ष पर साधा निशाना!



**मुज़फ़्फ़रनगर।** महिला आरक्षण बिल-2026 और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को लेकर गुरुवार को शहर का राजनीतिक माहौल गरमा गया। रुड़की रोड स्थित ग्रीन एप्पल होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उ०प्र० उद्योग व्यापार संगठन से जुड़े व्यापारियों और पदाधिकारियों ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। संगठन ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, राजद और डीएमके सहित इंडी गठबंधन के दलों को “महिला विरोधी मानसिकता” वाला बताते हुए उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।

प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष **कृष्ण गोपाल मित्तल** ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत भागीदारी देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष इसका विरोध कर महिलाओं के अधिकारों को दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सम्मान, समानता और अधिकारों से जुड़ा बड़ा सामाजिक विषय है।

उन्होंने गंभीर लहजे में कहा कि जो दल आज महिला आरक्षण का विरोध कर रहे हैं, उनकी सोच महिलाओं को नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया से दूर रखने वाली है। विपक्ष लगातार महिलाओं को लेकर विवादित बयान देता रहा है और अब इस बिल के विरोध ने उनकी वास्तविक मानसिकता को उजागर कर दिया है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं नगरपालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप का व्यापारियों ने फूल मालाएं पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस दौरान संगठन पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के फैसले को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीति में मजबूत भागीदारी मिलने से समाज और राष्ट्र दोनों अधिक सशक्त होंगे।

व्यापार संगठन की ओर से पारित निंदा प्रस्ताव में कहा गया कि महिला आरक्षण किसी दल या सरकार का नहीं बल्कि देश की महिलाओं के भविष्य का प्रश्न है। संगठन ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार मिलने से रोकना चाहते हैं, जो लोकतंत्र और महिला सम्मान दोनों के खिलाफ है।

प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए, ताकि महिलाओं को वास्तविक लाभ मिल सके।

कार्यक्रम के अंत में संगठन ने घोषणा की कि विपक्ष के खिलाफ पारित निंदा प्रस्ताव महामहिम राज्यपाल को भेजा जाएगा। वहीं उपस्थित व्यापारियों ने “सशक्त नारी, सशक्त राष्ट्र” के नारों के साथ महिला सशक्तिकरण के समर्थन में एकजुटता दिखाई।

Latest news
Related news