Thursday, October 1, 2026

मध्य-पूर्व तनाव के बीच भारत सतर्क, एलपीजी-एलएनजी की वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित।

नई दिल्ली:
मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण देश में कुकिंग गैस (एलपीजी) की संभावित कमी को लेकर चिंताओं के बीच भारत सरकार और ऊर्जा कंपनियों ने स्थिति को संभालने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने वैकल्पिक देशों और मार्गों से एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है, जो जल्द ही भारत पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही घरेलू रिफाइनरियों ने भी उत्पादन बढ़ाकर संभावित संकट को टालने की कोशिश तेज कर दी है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। इस स्थिति को देखते हुए भारत ने ऊर्जा आयात के स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति अपनाई है ताकि देश में गैस और ईंधन की उपलब्धता प्रभावित न हो। सरकार ने तेल और गैस कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे घरेलू स्तर पर कुकिंग गैस का उत्पादन अधिकतम करें।

सरकार के इस निर्देश के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने एलपीजी का घरेलू उत्पादन लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भी इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। कंपनी का जामनगर ऑयल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स—जो दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत रिफाइनिंग हब माना जाता है—इस समय एलपीजी उत्पादन को अधिकतम स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है।

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता के इस दौर में भारतीय घरों तक आवश्यक ईंधनों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना राष्ट्रीय प्राथमिकता है। इसके लिए जामनगर स्थित रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स में संचालन को अनुकूलित किया जा रहा है और टीमें चौबीसों घंटे उत्पादन बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं, ताकि घरेलू बाजार में आपूर्ति स्थिर और भरोसेमंद बनी रहे।

इसके अलावा कंपनी ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय ऊर्जा प्राथमिकताओं और सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार केजी-डी6 बेसिन से उत्पादित प्राकृतिक गैस को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की आपूर्ति के लिए डायवर्ट किया जाएगा, जिससे आवश्यक क्षेत्रों को गैस उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

इस पूरे मामले पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि भारत ने पश्चिम एशिया के अलावा अन्य क्षेत्रों से भी ऊर्जा आयात के विकल्प तैयार कर लिए हैं। इससे क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के बावजूद देश में ईंधन की उपलब्धता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

पुरी ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि घरेलू गैस आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है। उन्होंने बताया कि भारत विभिन्न स्रोतों और मार्गों से ऊर्जा आयात जारी रखे हुए है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनी हुई है। सरकार ने घरों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, देश भर के घरेलू उपभोक्ताओं को सीएनजी और पीएनजी की पूरी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वहीं उद्योगों को भी उनकी गैस आवश्यकताओं का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य यह है कि देश के घरों तक सस्ती और निर्बाध ऊर्जा की आपूर्ति हर हाल में जारी रहे।

सरकार और ऊर्जा कंपनियों के इन कदमों से यह स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सतर्क है और किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए सक्रिय रूप से तैयारियां कर रहा है।

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