मुजफ्फरनगर, 05 जून 2026। बढ़ते प्रदूषण, लगातार बदलते मौसम और पर्यावरण पर मंडरा रहे संकट के बीच विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने जनपदवासियों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि आज पेड़ नहीं लगाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध वातावरण और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाएगा।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डॉ. सुनील तेवतिया ने जट मुझेड़ा स्थित पोस्टमार्टम हाउस परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। जिस प्रकार मानव जीवन के लिए भोजन और पानी आवश्यक हैं, उसी प्रकार स्वच्छ वायु के लिए वृक्षों का होना भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता वायु प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। इन समस्याओं से निपटने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना है। पेड़ न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि तापमान नियंत्रण, वर्षा संतुलन और जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी स्वास्थ्य इकाइयों तथा स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों को व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा।
डॉ. तेवतिया ने भारत सरकार के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मां के प्रति सम्मान, प्रेम और समर्पण की भावना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी नियमित देखभाल भी करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार लगाया गया पौधा भी देखभाल मिलने पर विशाल वृक्ष बनकर समाज और आने वाली पीढ़ियों को जीवनदायिनी स्वच्छ हवा, छाया और बेहतर पर्यावरण प्रदान करता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। यदि समाज का हर व्यक्ति पर्यावरण बचाने की दिशा में अपना योगदान दे, तो आने वाले वर्षों में प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया तथा लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जागरूक करने का संदेश दिया।

