मुज़फ्फरनगर: मुज़फ्फरनगर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में 32 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी पर खाने में जहरीला पदार्थ मिलाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपों के आधार पर महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला ब्रह्मपुरी में किराए के मकान में रहने वाले 32 वर्षीय मोनू की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों का आरोप है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान पत्नी ने कथित रूप से खाने में कोई जहरीला पदार्थ मिला दिया, जिसके बाद मोनू की हालत गंभीर हो गई।
परिजनों के मुताबिक, मोनू और पूजा का विवाह वर्ष 2018 में हुआ था। शादी के कुछ समय बाद दोनों के बीच पारिवारिक विवाद शुरू हो गया था। आरोप है कि पत्नी की ओर से पहले दहेज और उत्पीड़न से संबंधित मामला भी दर्ज कराया गया था, जिसके चलते परिवार के कई सदस्यों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। बताया जा रहा है कि पिछले करीब पांच वर्षों से महिला अपने मायके में रह रही थी। करीब तीन महीने पहले वह दोबारा मुज़फ्फरनगर लौटकर मोनू के साथ ब्रह्मपुरी स्थित किराए के मकान में रहने लगी थी।
मृतक की मां सुकरमा ने आरोप लगाया है कि घटना वाले दिन पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। उनका कहना है कि उस समय महिला के पिता भी मौके पर मौजूद थे। कुछ देर बाद मोनू की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया। मेरठ पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि बेटे की मृत्यु के बाद जब उन्होंने मामले में कार्रवाई की बात कही तो उन्हें धमकी दी गई। परिवार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मोनू ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी अचानक हुई मृत्यु के बाद परिवार में शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पुलिस की अपील:
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाह सोशल मीडिया पर साझा न करें। जांच पूरी होने तक केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

