शामली। जिले में सामने आए कथित धर्मांतरण प्रकरण को लेकर माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इसी कड़ी में हिंदू रक्षा दल के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन परिसर में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया और मामले में कथित रूप से जुड़े सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एक प्रतिष्ठित डॉक्टर का नाम लेते हुए उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन परिसर में एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि धर्मांतरण से जुड़े इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए तथा यदि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने सांसद इकरा हसन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि दूसरे जिलों के मुद्दों पर सक्रियता दिखाने वाले जनप्रतिनिधियों को अपने जिले में सामने आए इस संवेदनशील मामले पर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इसे सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से कठोर कदम उठाने की मांग की।
गौरतलब है कि पुलिस इस मामले में पहले ही मुख्य आरोपी महिला और उसके पिता को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा मौलानाओं समेत करीब 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित द्वारा हनुमान धाम पर शर्टलेस प्रदर्शन और आरोपियों के घर के सामने सांकेतिक धरने का आह्वान किया गया था। इसी आह्वान के तहत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सीओ सिटी के नेतृत्व में तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही।
स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने शर्ट उतारकर अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए हनुमान टीले की ओर बढ़ने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ही रोक लिया और आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वहीं धरना देकर अपनी मांगों को दोहराया।
फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की नजर बनी हुई है और प्रशासन किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए सतर्क है। वहीं धर्मांतरण प्रकरण को लेकर जिले में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।संभावित SEO

