Friday, October 2, 2026

देवी-देवताओं के नाम पर नॉनवेज ढाबे का आरोप, फ्लेक्स बोर्ड फाड़कर जलाए।



मुज़फ्फरनगर। जिले के छपार थाना क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर स्थित एक नॉनवेज ढाबे को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देवी-देवताओं के नाम का इस्तेमाल कर मासाहारी भोजनालय संचालित किया जा रहा है। विरोध में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया, फ्लेक्स बोर्ड फाड़ दिए और उन्हें आग के हवाले कर दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

जानकारी के अनुसार गांव सिसौना स्थित हाईवे पर मंसूरपुर निवासी आजाद द्वारा “किंग चिकन कॉर्नर” नाम से नॉनवेज ढाबा संचालित किया जा रहा है। ढाबे के पास ही नरेश पाल की कन्फेक्शनरी की दुकान है, जिस पर “बदरी विशाल शुद्ध भोजनालय” का बोर्ड लगा हुआ है। इसी बोर्ड को लेकर विवाद शुरू हुआ।

रविवार दोपहर बाद हिंदू संगठनों से जुड़े एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उनका आरोप था कि देवी-देवताओं के नाम का उपयोग कर लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है और शुद्ध भोजनालय के नाम की आड़ में नॉनवेज कारोबार संचालित किया जा रहा है। इस आरोप को लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ढाबे और आसपास लगे फ्लेक्स बोर्ड उतार दिए। इसके बाद बोर्डों को फाड़कर एक जगह इकट्ठा किया गया और उनमें आग लगा दी गई। मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। इस दौरान ढाबा कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक, कहासुनी और धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

हिंदू संगठन के नेताओं का कहना है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने में करीब एक माह का समय बचा है। ऐसे में कांवड़ मार्ग पर किसी भी प्रकार के नॉनवेज होटल, ढाबे या भोजनालय को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े नामों का इस्तेमाल कर किसी भी प्रकार की भ्रामक स्थिति पैदा करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

वहीं ढाबा संचालक आजाद चौधरी ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वह किराए पर ली गई जगह में “किंग चिकन कॉर्नर” के नाम से अपना कारोबार चला रहे हैं और उनके प्रतिष्ठान का “बदरी विशाल शुद्ध भोजनालय” नामक बोर्ड से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलतफहमी के आधार पर उनके ढाबे को निशाना बनाया गया। आजाद का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की भी की गई।

पास की दुकान संचालक नरेश कुमार ने भी स्पष्ट किया कि संबंधित बोर्ड उनकी दुकान पर लगा हुआ है और इसे लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर दिया गया। उनका कहना है कि पूरे मामले को सही तरीके से समझे बिना विरोध प्रदर्शन किया गया।

हिंदू नेता हेमत शर्मा और नरेंद्र पंवार ने कहा कि धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं के नामों का उपयोग कर किसी भी प्रकार का विवादित या भ्रामक व्यवसाय स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

घटना की सूचना मिलते ही छपार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई। क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रविशंकर मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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