उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गर्मी ने इस साल खतरनाक रूप ले लिया है। तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे शहर देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गया है। दोपहर के समय सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है, और लू (हीटवेव) का असर साफ देखा जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, लगातार कई दिनों से तापमान सामान्य से काफी ऊपर चल रहा है। तेज धूप, गर्म हवाएं और नमी की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ सामान्य गर्मी नहीं, बल्कि एक गंभीर हीटवेव की स्थिति है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है।
शहर में लोग गर्मी से बचने के लिए सिर और चेहरे को ढककर निकल रहे हैं। कई लोग पानी की बोतल साथ लेकर चल रहे हैं, लेकिन फिर भी चक्कर आना, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में भी गर्मी से संबंधित मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप से बचाव करना जरूरी बताया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता तापमान जलवायु परिवर्तन का भी संकेत है। हर साल गर्मी का रिकॉर्ड टूटना एक चिंता का विषय बनता जा रहा है। अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
फिलहाल प्रयागराज समेत पूरे उत्तर भारत में लोगों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

