उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। तितावी थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव स्थित बिजली घर में ड्यूटी के दौरान तैनात एक विद्युत कर्मचारी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने फर्जी अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल करने और इसी आधार पर ब्लैकमेल किए जाने की बात कबूल की है।
मृतक की पहचान टीजी-2 कर्मचारी शुभम (पुत्र अनिल कुमार), निवासी नसीरपुर, थाना नई मंडी के रूप में हुई है। शुभम वर्ष 2019 में भर्ती हुआ था और शनिवार रात बिजली घर में ड्यूटी पर था। आत्महत्या से पहले उसने एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी पाई थी।
सुसाइड नोट में शुभम ने बताया कि 31 जनवरी को मुख्य अभियंता (वितरण) मुजफ्फरनगर के कार्यालय में एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें बुढ़ाना निवासी गणपत ने उस पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने का आरोप लगाया था। मृतक ने इसे सत्य बताते हुए लिखा कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति उसे नहीं जानता था और न ही उससे उसकी कोई दुश्मनी थी, लेकिन बाद में वही व्यक्ति उसे ब्लैकमेल कर पैसों की मांग करने लगा। पैसे देने से इनकार करने पर दोबारा शिकायत कर दी गई, जिससे वह मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान हो गया।
शुभम ने अपने सुसाइड नोट में अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी और यह भी लिखा कि उसकी गलती की सजा उसके परिवार को न दी जाए। उसने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि वह इस दबाव और मानसिक प्रताड़ना से टूट चुका था, इसी कारण उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस रात में मौके पर पहुंची। बिजली घर अंदर से बंद था। वीडियोग्राफी कर ताला खुलवाया गया, जहां शुभम का शव अंदर पड़ा मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से एक अवैध तमंचा और कुछ कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
मामले की जानकारी देते हुए सीओ फुगाना यतेंद्र नागर ने बताया कि देर रात करीब एक बजे तितावी पुलिस को आत्महत्या की सूचना मिली थी। जेई द्वारा पुलिस को सूचित किया गया था, क्योंकि मृतक ने अपने उच्चाधिकारियों को सुसाइड नोट भेजा था। फिलहाल पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है और उसके बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है, जिसमें ब्लैकमेलिंग, फर्जी दस्तावेज और अवैध हथियार जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट

