मुजफ्फरनगर। चरथावल थाना क्षेत्र में 13 जून को हुई गैंगरेप की सनसनीखेज घटना में पुलिस ने तीन दिन के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के दौरान घायल कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके दूसरे साथी को कॉम्बिंग अभियान चलाकर दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग कर भाग रहे थे। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी के पैर में गोली लगी। दोनों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, चार जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया है।
सोमवार देर रात थाना चरथावल पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। पुलिस के अनुसार, दधेड़ू पुल के नीचे से दधेड़ू खुर्द जाने वाले रास्ते पर दो संदिग्ध युवक खड़े दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी और कच्चे रास्ते की ओर भागने लगे। पुलिस ने पीछा करते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी की और आरोपियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। इसके बावजूद जब दोनों ने दोबारा फायरिंग की तो पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुख्य आरोपी उमर उर्फ सालिम पुत्र आस मोहम्मद, निवासी दधेड़ू खुर्द के बाएं पैर में गोली लग गई। उसे मौके से गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में कॉम्बिंग अभियान चलाया, जिसमें दूसरे आरोपी मोहम्मद अब्दुल्ला पुत्र मतलूब, निवासी बागोवाली, नई मंडी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दोनों के पास से दो अवैध तमंचे, चार जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि 13 जून को पीड़िता के पिता ने थाना चरथावल में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उमर और उसके साथियों ने उनकी बेटी को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद उसे बाइक पर जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस शिकायत के आधार पर थाना चरथावल में मुकदमा अपराध संख्या 95/2026, धारा 87, 123 और 70(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था।
एसएसपी ने बताया कि एसपी सिटी अमृत जैन के पर्यवेक्षण में सीओ सदर विनय कुमार द्विवेदी, थाना प्रभारी सत्यनारायण दहिया और एसओजी प्रभारी मोहित की टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई गई और 72 घंटे के भीतर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए शीघ्र ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में मुजफ्फरनगर पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को कानून के दायरे में लाना और पीड़िता को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

