गाजियाबाद में एक संवेदनशील मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। एक्स मुस्लिम सलीम पर हुए कथित हमले के बाद माहौल पहले से ही तनावपूर्ण बना हुआ है। इसी बीच डासना देवी मंदिर के महंत और श्री पंच जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि सलीम से मुलाकात करने के लिए निकलना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मंदिर परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, एक्स मुस्लिम सलीम पर हाल ही में हमला हुआ था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में यति नरसिंहानंद गिरि को मंदिर से बाहर जाने से रोका गया।
पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि उनकी आवाजाही से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती थी, इसलिए यह कदम उठाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह रोक अस्थायी और सुरक्षा कारणों से है।
यति नरसिंहानंद की प्रतिक्रिया
पुलिस कार्रवाई से नाराज यति नरसिंहानंद गिरि ने इस कदम को “अनुचित” बताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सलीम से मिलने नहीं जाने दिया गया तो वह इसे अपने अधिकारों का हनन मानेंगे।
उनका बयान सामने आने के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
प्रशासन की सतर्कता
गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
राजनीतिक और सामाजिक असर
यह मामला सिर्फ एक मुलाकात तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इससे राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो सकती है। एक ओर धार्मिक नेता की खुली चुनौती, दूसरी ओर प्रशासन की सख्ती — दोनों ने स्थिति को संवेदनशील बना दिया है।
फिलहाल पूरे प्रदेश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या यति नरसिंहानंद गिरि को सलीम से मिलने की अनुमति दी जाएगी या नहीं। क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं।

