Friday, October 2, 2026

“कॉकरोच जनता पार्टी” पर राकेश टिकैत का बड़ा बयान, बेरोजगारी और युवाओं की नाराजगी को लेकर सरकार पर सवाल!



मुज़फ्फरनगर। Rakesh Tikait ने एक बार फिर बेरोजगारी, युवाओं की नाराजगी और सरकार की नीतियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने “कॉकरोच जनता पार्टी” का जिक्र करते हुए कहा कि देश और प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो मौजूदा हालात से परेशान हैं और तेजी से इस विचारधारा की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

टिकैत ने कहा कि युवाओं के भीतर बढ़ रही नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। उन्होंने दावा किया कि रोजगार के अवसर कम होने और लगातार बढ़ती बेरोजगारी ने पढ़े-लिखे युवाओं को चिंता में डाल दिया है। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में युवा खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और यही कारण है कि नए राजनीतिक विकल्पों और आंदोलनों की चर्चा तेजी से बढ़ रही है।

अपने बयान में राकेश टिकैत ने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में “कॉकरोच जनता पार्टी” से विधायक और जनप्रतिनिधि भी सामने आ सकते हैं। उन्होंने इसे जनता के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत बताया।

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। टिकैत ने हाल ही में हुई होमगार्ड भर्ती का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों पढ़े-लिखे युवाओं का छोटी नौकरियों के लिए लाइन में लगना मौजूदा रोजगार व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर दिखाता है।

टिकैत ने कहा कि गांवों और शहरों दोनों जगह युवाओं के बीच भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी युवाओं को स्थायी रोजगार नहीं मिल पा रहा, जिससे निराशा का माहौल बन रहा है।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “क्रांति ज्यादा दिन दबाई नहीं जा सकती” और जनता के भीतर बढ़ रहा असंतोष धीरे-धीरे बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। टिकैत के अनुसार, सरकार को समय रहते युवाओं की समस्याओं को समझना होगा और रोजगार के नए अवसर तैयार करने होंगे।

राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि जनता का गुस्सा अब दबने वाला नहीं है और लोग खुलकर अपनी बात रखने लगे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि युवाओं के मुद्दों पर गंभीरता से काम किया जाए, ताकि हालात और अधिक तनावपूर्ण न हों।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बेरोजगारी और रोजगार जैसे मुद्दे आने वाले समय में राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकते हैं। ऐसे में किसानों और युवाओं से जुड़े संगठनों के बयान राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।

वहीं, प्रशासन की ओर से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। अधिकारियों ने कहा कि सभी नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी स्थिति में माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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